महाभारत कालीन महान योद्धा, भीम के पौत्र और भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त बर्बरीक ही आज इस चराचर जगत में श्री खाटू श्याम जी के रूप में पूजे जाते हैं। कलियुग के इस पावन युग में बाबा श्याम ही दीन-दुखियों के तारणहार हैं। जो संसार से हार जाता है, उसे बाबा अपने गले से लगा लेते हैं।
"हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा।"
"खाटू वाले श्याम धणी की जय — जो भी आता है खाली हाथ नहीं जाता।"
यदि आप खाटू धाम आने में असमर्थ हैं, तो निराश न हों। यहाँ से सीधे मंदिर परिसर से बाबा श्याम के लाइव दर्शन, दिव्य आरती और फाल्गुन मेले जैसे विशेष उत्सवों का आनंद उठाएं। बाबा का आशीर्वाद अब सीधे आपके घर तक।